** तमन्ना **
एक तमन्ना जो दिल में थी तेरे दीदार की बस इक नज़र देख लूँ तो दिल को सुकूं आ जाए इसी कशमकश में गुज़र रहे थे दिन कि तेरी इक झलक ही सही बाखुदा नज़र आ तो जाए बस इसी खयाल में गुम - सुम से तमन्नाए दीदार की ख्वाहिश लेकर एक रोज़ जो गुजरे तेरी गलियों से दिल ने कहा काश !तू नज़र आ जाए कसम खुदा की मेरे एतबार की हद न रही जब तेरा नूरानी चेहरा मुझे नज़र आया एक पल के लिए जैसे सांसें थम सी गई उसे देखने कि चाहत आज पूरी हो गई मुद्द्त से जिसे चाहा था वो मेरी नजरों के सामने ही था ऐ खुदा बस इतना करम हो जाए मुहब्बत नहीं है तो न सही कम से कम एक दोस्त बनकर ही सही ज़िंदगी में तू आ जाए